Highlights - International Conference ETHES 26 - Dr Arpit Chopra Jain Homeopathy Presentation https://youtu.be/7-LhyAusJ5A?si=YW2Gg4h5SKllQ2w International Conference ETHES 2026 Gurugram Univercity Haryana - Dr Arpit Chopra Jain Homeopathy as a Speaker on Evidence Scientific Presentation on Homoeopathy https://youtu.be/nlkrSF7LU84?si=smMSQ8j7ZlfSD4vk Emerging Trends in Environment,Health & Sustainability 2026 as a speaker Dr Arpit Chopra Jain (MD Homoeopathy) Director of Aarogya Super Speciality Modern Homoeopathic Clinic Indore & Representative of Homeopathic Medicine for BRICS Countries https://youtu.be/nlkrSF7LU84?si=smMSQ8j7ZlfSD4vk गुरुग्राम (हरियाणा)। Gurugram University में 21-22 मार्च 2026 को आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन “Emerging Trends in Health, Environment and Sustainability (ETHES-2026)” का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति Prof. Sanjay Kaushik, महापौर Raj Rani Malhotra, हरियाणा सरकार के औषधि नियंत्रक Lalit Kumar Goel सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे। साथ ही Indian Council of Medical Research (ICMR) एवं Central Council for Research in Unani Medicine के डायरेक्टर स्तर के अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
सम्मेलन के विभिन्न तकनीकी सत्रों में स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं सतत विकास से जुड़े अहम विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। तकनीकी सत्र VIII में इंदौर के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक Dr. Arpit Chopra Jain ने अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया।
डॉ. अर्पित चोपड़ा जैन, जो कि BRICS के Homoeopathic Representative, USA से Doctorate Degree प्राप्त एवं HAMI इंदौर के मध्यप्रदेश प्रांतीय संगठन मंत्री हैं, ने अपने संबोधन में बताया कि पर्यावरण असंतुलन (Environmental Imbalance) का मानव स्वास्थ्य पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसके कारण कैंसर, किडनी फेल्योर, ऑटो-इम्यून तथा अन्य गंभीर बीमारियों में निरंतर वृद्धि हो रही है।
उन्होंने होम्योपैथी के माध्यम से इन रोगों के प्राकृतिक, सुरक्षित एवं प्रभावी उपचार की जानकारी साझा की। अपने प्रस्तुतीकरण के दौरान डॉ. जैन ने कई मरीजों की Pre एवं Post ट्रीटमेंट रिपोर्ट्स प्रस्तुत कर यह सिद्ध किया कि होम्योपैथी में क्रिटिकल एवं सर्जिकल बीमारियों में भी उच्च क्योर रेट संभव है।
उनके शोध आधारित तथ्यों, प्रमाणिक परिणामों और प्रभावशाली प्रस्तुति ने उपस्थित विशेषज्ञों एवं श्रोताओं का विश्वास जीत लिया। डॉ. जैन का यह व्याख्यान सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण रहा, जिसमें उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ यह प्रदर्शित किया कि होम्योपैथी “असंभव को संभव” बनाने की दिशा में एक सशक्त चिकित्सा पद्धति है।